टॉक्सिक रिलेशनशिप के संकेत - best astrologer in indore madhya pradesh

ज्योतिषी दृष्टि से टॉक्सिक रिलेशनशिप के संकेत

ज्योतिषी दृष्टि से टॉक्सिक रिलेशनशिप के संकेत, best astrologer sahu ji in indore

रिश्तों का हमारे जीवन में बहुत महत्व होता है। वे हमारी खुशियों, दुखों और जीवन के हर पहलू को प्रभावित करते हैं। लेकिन कभी-कभी, रिश्ते जहरीले हो सकते हैं, जिससे मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ता है। ज्योतिषी दृष्टि से, कुछ संकेत होते हैं जो यह बताते हैं कि आपका रिश्ता टॉक्सिक है। आइए जानें मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध ज्योतिषी मनोज साहू जी के अनुसार की दृष्टि से टॉक्सिक रिलेशनशिप के कौन-कौन से संकेत होते हैं और उन्हें कैसे पहचाना जा सकता है।

राहु और केतु का प्रभाव

राहु और केतु को छाया ग्रह कहा जाता है और इन्हें ज्योतिष में विशेष महत्व दिया जाता है। ये ग्रह रिश्तों में भ्रम और तनाव का कारण बन सकते हैं। अगर किसी व्यक्ति की कुंडली में राहु या केतु विवाह भाव (सप्तम भाव) में स्थित होते हैं या इन ग्रहों का दुष्प्रभाव होता है, तो यह संकेत हो सकता है कि व्यक्ति टॉक्सिक रिलेशनशिप का सामना कर रहा है। राहु और केतु के प्रभाव से रिश्ते में धोखा, भ्रम और अविश्वास की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।

शनि का प्रतिकूल प्रभाव

ज्योतिषी दृष्टि से शनि को न्याय का देवता माना जाता है, लेकिन यह ग्रह कठिनाइयों और चुनौतियों का प्रतीक भी है। यदि शनि ग्रह विवाह भाव में स्थित है या उस पर शनि की दृष्टि है, तो यह रिश्ते में कठोरता और संघर्ष का संकेत हो सकता है। शनि का प्रतिकूल प्रभाव रिश्ते में निरंतर विवाद, कठोर शब्दों का आदान-प्रदान और भावनात्मक दूरी का कारण बन सकता है। यह टॉक्सिक रिलेशनशिप के प्रमुख संकेतों में से एक है।

मंगल का आक्रामक प्रभाव

मंगल को ऊर्जा, साहस और युद्ध का प्रतीक माना जाता है। ज्योतिष में अगर यह ग्रह विवाह भाव में स्थित हो या उस पर बुरा प्रभाव डाल रहा हो, तो यह रिश्ते में आक्रामकता और हिंसा का संकेत हो सकता है। मंगल का प्रतिकूल प्रभाव रिश्ते में क्रोध, तकरार और हिंसक व्यवहार को जन्म दे सकता है, जो टॉक्सिक रिलेशनशिप का स्पष्ट संकेत है।

बुध और शुक्र का कमजोर होना

ज्योतिष में बुध और शुक्र को संचार और प्रेम का कारक माना जाता है। अगर ये ग्रह कमजोर होते हैं या इन पर बुरा प्रभाव होता है, तो यह रिश्ते में संवाद हीनता और प्रेम की कमी का संकेत हो सकता है। बुध का कमजोर होना रिश्ते में संवाद की कमी, गलतफहमियों और विचारों के मतभेद को जन्म दे सकता है। वहीं, शुक्र का कमजोर होना रिश्ते में प्रेम, समर्पण और आकर्षण की कमी का संकेत हो सकता है, जो रिश्ते को टॉक्सिक बना सकता है।

चंद्रमा का मानसिक प्रभाव

चंद्रमा हमारे मानसिक और भावनात्मक स्थिति का प्रतिनिधित्व करता है।ज्योतिष में यदि चंद्रमा कमजोर है या उस पर राहु, केतु, शनि या मंगल का प्रभाव है, तो यह रिश्ते में मानसिक तनाव और भावनात्मक अस्थिरता का संकेत हो सकता है। चंद्रमा का प्रतिकूल प्रभाव रिश्ते में मानसिक शांति की कमी, तनाव और अवसाद का कारण बन सकता है, जो रिश्ते को जहरीला बना सकता है।

कुंडली मिलान के दोष

ज्योतिषी दृष्टि से विवाह के लिए कुंडली मिलान का विशेष महत्व होता है। यदि कुंडली मिलान में कोई दोष होता है, जैसे कि नाड़ी दोष, गण दोष या भकूट दोष, तो यह रिश्ते में समस्या उत्पन्न कर सकता है। ये दोष रिश्ते में स्वास्थ्य समस्याओं, संतान से संबंधित समस्याओं और मानसिक असंतुलन का कारण बन सकते हैं, जो रिश्ते को टॉक्सिक बना सकते हैं।

ज्योतिषी दृष्टि से टॉक्सिक रिलेशनशिप के संकेत, best astrologer sahu ji in indore

ग्रहों के गोचर का प्रभाव

ग्रहों का गोचर भी रिश्तों पर महत्वपूर्ण प्रभाव डालता है। ज्योतिषी दृष्टि से यदि किसी ग्रह का गोचर विवाह भाव या संबंधित भावों पर प्रतिकूल प्रभाव डाल रहा है, तो यह रिश्ते में तनाव और संघर्ष का संकेत हो सकता है। ग्रहों के गोचर का प्रभाव अस्थायी होता है, लेकिन यह रिश्ते में महत्वपूर्ण समस्याओं का कारण बन सकता है, जिससे टॉक्सिक रिलेशनशिप की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।

उपयुक्त उपायों का अभाव

कई बार, टॉक्सिक रिलेशनशिप से बचने के लिए उपयुक्त ज्योतिषीय उपायों का पालन नहीं किया जाता। जैसे कि रत्न पहनना, मंत्र जाप, पूजा-पाठ, और वास्तु दोष निवारण। इन उपायों का अभाव भी रिश्ते को टॉक्सिक बना सकता है। इंदौर के प्रसिद्ध ज्योतिषी मनोज साहू जी के अनुसार, इन उपायों का सही और नियमित पालन रिश्ते में संतुलन और शांति बनाए रखने में सहायक हो सकता है।

टॉक्सिक रिलेशनशिप से बचने के उपाय

टॉक्सिक रिलेशनशिप से बचने के लिए ज्योतिषीय उपायों का पालन करना आवश्यक है। यहाँ कुछ प्रमुख उपाय दिए जा रहे हैं:

  1. राहु और केतु के लिए पूजा: राहु और केतु के दुष्प्रभाव से बचने के लिए नियमित रूप से राहु-केतु की पूजा करें और उनसे संबंधित मंत्रों का जाप करें।
  2. शनि की शांति: शनि के प्रतिकूल प्रभाव को कम करने के लिए शनि मंत्र का जाप करें और शनि देवता की पूजा करें।
  3. मंगल की शांति: मंगल के आक्रामक प्रभाव को कम करने के लिए मंगल मंत्र का जाप करें और हनुमान जी की पूजा करें।
  4. बुध और शुक्र की मजबूती: बुध और शुक्र को मजबूत करने के लिए संबंधित रत्न धारण करें और इन ग्रहों के मंत्रों का जाप करें।
  5. चंद्रमा की शांति: चंद्रमा को शांत करने के लिए नियमित रूप से चंद्र मंत्र का जाप करें और भगवान शिव की पूजा करें।
  6. कुंडली मिलान: विवाह के पहले कुंडली मिलान कराएं और यदि कोई दोष हो तो उसका निवारण करें।

निष्कर्ष

ज्योतिषी दृष्टि से टॉक्सिक रिलेशनशिप के संकेतों को पहचानना और उनसे बचाव के उपाय करना बहुत महत्वपूर्ण है। इंदौर के प्रसिद्ध ज्योतिषी मनोज साहू जी के अनुसार, इन संकेतों को समझकर और सही उपाय अपनाकर आप अपने रिश्ते को सुखी और समृद्ध बना सकते हैं। ज्योतिष और वास्तु के इन सिद्धांतों का पालन करके आप टॉक्सिक रिलेशनशिप से बच सकते हैं और अपने जीवन को खुशहाल और सफल बना सकते हैं

Scroll to Top