धन और वित्तीय समृद्धि में वास्तु की भूमिका - best astrologer in indore madhya pradesh

धन और वित्तीय समृद्धि में वास्तु की भूमिका

वास्तु शास्त्र और ज्योतिष शास्त्र दोनों ही प्राचीन भारतीय विज्ञान हैं, जिनका हमारे जीवन पर गहरा प्रभाव होता है। यह विज्ञान हमारे घर, कार्यस्थल और अन्य स्थानों की संरचना और दिशा से संबंधित है। धन और वित्तीय समृद्धि में वास्तु का महत्वपूर्ण स्थान होता है, क्योंकि यह हमारे वातावरण में सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ावा देता है और नकारात्मक ऊर्जा को कम करता है। इंदौर के प्रसिद्ध ज्योतिषी मनोज साहू जी के अनुसार, सही वास्तु व्यवस्था अपनाकर हम अपने जीवन में धन और वित्तीय समृद्धि प्राप्त कर सकते हैं। आइए जानते हैं कि वास्तु शास्त्र और ज्योतिष शास्त्र के सिद्धांतों का पालन करके हम अपने जीवन में धन और समृद्धि कैसे ला सकते हैं।

मुख्य द्वार का महत्व

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वास्तु शास्त्र में मुख्य द्वार का विशेष महत्व है। मुख्य द्वार को घर की ऊर्जा का प्रवेश द्वार माना जाता है। इसे उत्तर, उत्तर-पूर्व या पूर्व दिशा में रखना शुभ होता है। इन दिशाओं में द्वार होने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बना रहता है,जो धन और समृद्धि को आकर्षित करता है। मुख्य द्वार को साफ-सुथरा और आकर्षक बनाए रखें। दरवाजे पर स्वास्तिक, ऊँ या शुभ-लाभ जैसे शुभ प्रतीकों का प्रयोग करना भी लाभकारी होता है।

धन स्थान का सही दिशा

घर में धन रखने का स्थान भी वास्तु के अनुसार महत्वपूर्ण होता है। तिजोरी या धन रखने का स्थान हमेशा दक्षिण-पूर्व दिशा में होना चाहिए। इस दिशा को ‘अग्नि कोण’ कहा जाता है, जो समृद्धि और धन का प्रतीक है। तिजोरी का मुख उत्तर दिशा की ओर होना चाहिए, क्योंकि उत्तर दिशा को कुबेर की दिशा माना जाता है, जो धन के देवता हैं।

रसोई की सही दिशा

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मध्यप्रदेश के प्रसिद्ध ज्योतिषी मनोज साहू जी के अनुसार रसोई घर का महत्वपूर्ण हिस्सा है और इसका सही दिशा में होना भी वित्तीय समृद्धि के लिए आवश्यक है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, रसोई को दक्षिण-पूर्व दिशा में होना चाहिए। इस दिशा में रसोई होने से घर में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है और परिवार के सदस्यों का स्वास्थ्य और समृद्धि बनी रहती है। यदि यह संभव न हो, तो उत्तर-पश्चिम दिशा भी एक अच्छा विकल्प हो सकता है।

बाथरूम और शौचालय की दिशा

बाथरूम और शौचालय की दिशा भी वास्तु में महत्वपूर्ण होती है। इन्हें हमेशा दक्षिण-पश्चिम या पश्चिम दिशा में ही रखना चाहिए। यह दिशा नकारात्मक ऊर्जा को कम करती है और घर में धन की हानि से बचाती है। बाथरूम और शौचालय को हमेशा साफ-सुथरा और व्यवस्थित रखें।

पूजा कक्ष का महत्व

घर में पूजा कक्ष का होना भी वित्तीय समृद्धि के लिए महत्वपूर्ण होता है। इसे उत्तर-पूर्व दिशा में रखना चाहिए, जिसे ईशान कोण कहते हैं। यह दिशा देवताओं की दिशा मानी जाती है और यहां पूजा करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। पूजा कक्ष को साफ-सुथरा और पवित्र रखें, और नियमित रूप से पूजा और आरती करें।

रंगों का प्रभाव

वास्तु शास्त्र में रंगों का भी विशेष महत्व है। घर के विभिन्न हिस्सों में सही रंगों का प्रयोग करने से सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है और धन की प्राप्ति होती है। जैसे कि,दक्षिण-पूर्व दिशा में हल्का हरा रंग समृद्धि को आकर्षित करता है,जबकि उत्तर दिशा में हल्का नीला रंग धन की वृद्धि में सहायक होता है। घर में सफेद, क्रीम और हल्के पीले रंगों का प्रयोग भी शुभ माना जाता है।

दर्पण का सही प्रयोग

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ज्योतिषी दर्पण का सही दिशा में होना भी वित्तीय समृद्धि के लिए आवश्यक है। वास्तु शास्त्र के अनुसार,दर्पण को उत्तर या पूर्व दिशा में लगाना चाहिए। यह दिशा सकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करती है और धन की वृद्धि में सहायक होती है। दर्पण को कभी भी दक्षिण दिशा में नहीं लगाना चाहिए, क्योंकि यह नकारात्मक ऊर्जा का कारण बनता है।

जल स्रोत की दिशा

घर में जल स्रोतों की दिशा भी वास्तु में महत्वपूर्ण होती है। इसे हमेशा उत्तर-पूर्व दिशा में रखना चाहिए। यह दिशा जल तत्व का प्रतीक है और इसे सही दिशा में रखने से घर में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है। जल स्रोत को साफ और व्यवस्थित रखें, और कभी भी गंदे या रुके हुए पानी का स्रोत न रखें।

पौधों का महत्व

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घर में पौधों का होना भी वित्तीय समृद्धि के लिए लाभकारी होता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार,घर के उत्तर-पूर्व दिशा में तुलसी का पौधा रखना शुभ माना जाता है। इसके अलावा, मनी प्लांट और बांस के पौधे भी समृद्धि को आकर्षित करते हैं। पौधों को सही दिशा में रखें और उनकी नियमित देखभाल करें।

वास्तु दोष निवारण

मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध ज्योतिषी मनोज साहू जी यदि घर में कोई वास्तु दोष हो,तो इसके निवारण के लिए कुछ उपाय किए जा सकते हैं। जैसे कि, मुख्य द्वार पर स्वास्तिक का चिन्ह लगाना, वास्तु पिरामिड का उपयोग, या नमक के पानी से सप्ताह में एक बार घर की सफाई करना। ये उपाय नकारात्मक ऊर्जा को दूर कर सकारात्मकता लाने में सहायक होते हैं।

निष्कर्ष

ज्योतिषी दृष्टि से धन और वित्तीय समृद्धि में वास्तु की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। इंदौर के प्रसिद्ध ज्योतिषी मनोज साहू जी के अनुसार, सही दिशा और स्थान पर वस्त्रों और वस्तुओं को रखने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बना रहता है, जो धन और समृद्धि को आकर्षित करता है। इन उपायों को अपनाकर आप अपने जीवन में वित्तीय स्थिरता और समृद्धि प्राप्त कर सकते हैं। ध्यान रखें कि ये उपाय केवल सहायक होते हैं, मुख्य सफलता आपके परिश्रम और सही आर्थिक प्रबंधन पर निर्भर करती है। वास्तु और ज्योतिष का समन्वय आपको सही दिशा में मार्गदर्शन कर सकता है और आपके जीवन को समृद्ध और खुशहाल बना सकता है।

ज्योतिषी साहू जी
परामर्श के लिए संपर्क करे : +91 – 8656979221
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