किन कारणों से घर के सदस्यों के बीच झगड़े, मनमुटाव और कलह होता रहता है और इसका क्या प्रभाव पड़ता है |

घर की शांति और सदस्यों के बीच सामंजस्य हर परिवार की चाहत होती है। लेकिन कई बार बिना किसी स्पष्ट कारण के घर में झगड़े, मनमुटाव और कलह का माहौल बना रहता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, ग्रहों की स्थिति और कुंडली दोष इसका प्रमुख कारण हो सकते हैं। इंदौर के प्रसिद्ध ज्योतिषी मनोज साहू जी, जिन्होंने  इस विषय पर गहन जानकारी दी है। आइए जानते हैं, ज्योतिषीय दृष्टि से किन कारणों से घर के सदस्यों के बीच झगड़े और मनमुटाव होते हैं और इसका क्या प्रभाव पड़ता है।

ग्रहों का प्रभाव

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मंगल : वैदिक ज्योतिषी में मंगल ग्रह को ऊर्जा, साहस और संघर्ष का कारक माना जाता है। यदि मंगल ग्रह किसी भी सदस्य की कुंडली में अशुभ स्थिति में हो या उसकी दृष्टि परिवार के दूसरे सदस्यों की कुंडली पर पड़े, तो यह घर में अशांति और विवाद का कारण बन सकता है। मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध ज्योतिषी मनोज साहू जी के अनुसार, मंगल के प्रभाव से परिवार के सदस्यों में क्रोध और आक्रामकता बढ़ जाती है, जिससे झगड़े और मनमुटाव होते हैं।

राहु : राहु ग्रह को भ्रम और अनिश्चितता का प्रतीक माना जाता है। वैदिक ज्योतिषी के अनुसार राहु की दशा या अंतरदशा में परिवार के सदस्यों के बीच अविश्वास और गलतफहमियों की स्थिति उत्पन्न होती है। इसके कारण परिवार के सदस्य एक-दूसरे के प्रति संदेह और शंका का भाव रखते हैं, जिससे मनमुटाव और झगड़े बढ़ते हैं।

 शनि : शनि को कर्मफल का कारक माना जाता है। यदि शनि की अशुभ दशा या ढैया किसी सदस्य की कुंडली में हो, तो यह पारिवारिक जीवन में तनाव और कठिनाइयों का कारण बन सकता है। शनि की अशुभ दृष्टि परिवार के सदस्यों के बीच आपसी समझ और सामंजस्य को प्रभावित करती है, जिससे कलह और विवाद होते हैं।

 चंद्रमा : चंद्रमा को मन और मानसिक स्थिति का कारक माना जाता है। यदि चंद्रमा कमजोर हो या अशुभ ग्रहों से पीड़ित हो, तो यह मानसिक अस्थिरता और तनाव का कारण बन सकता है। इसके प्रभाव से परिवार के सदस्यों के बीच भावनात्मक संतुलन बिगड़ता है, जिससे मनमुटाव और झगड़े बढ़ते हैं।

कुंडली दोष और उनके निवारण

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मंगल दोष: वैदिक ज्योतिषी के अनुसार मंगल दोष के कारण परिवार के सदस्यों के बीच आक्रामकता और तनाव बढ़ता है। इसके निवारण के लिए मंगल मंत्र का जाप, हनुमान चालीसा का पाठ और मंगलवार का व्रत करना लाभकारी होता है। इंदौर के प्रसिद्ध ज्योतिषी मनोज साहू जी मनोज साहू जी के अनुसार, मंगल दोष को शांत करने से घर में शांति और सामंजस्य बढ़ता है।

कालसर्प दोष: कालसर्प दोष व्यक्ति के जीवन में कठिनाइयाँ और पारिवारिक अशांति का कारण बनता है। इसके निवारण के लिए नाग पंचमी पर नाग पूजा, महामृत्युंजय मंत्र का जाप, और रुद्राभिषेक करना प्रभावी होता है।

 पितृ दोष: पितृ दोष के कारण घर में निरंतर अशांति और विवाद की स्थिति बनी रहती है। इसके निवारण के लिए पितृ तर्पण, पिंडदान, और विशेष पूजा करना लाभकारी होता है।

अन्य ज्योतिषीय उपाय

वास्तु शांति: घर में वास्तु दोष होने से भी पारिवारिक अशांति और झगड़े हो सकते हैं। वास्तु दोष को दूर करने के लिए विशेषज्ञ की सलाह से उचित उपाय करने चाहिए। इंदौर के प्रसिद्ध ज्योतिषी मनोज साहू जी के अनुसार, सही दिशा और स्थान में बदलाव से घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बढ़ता है और पारिवारिक कलह कम होता है।

रत्न धारण: विभिन्न ग्रहों की शांति के लिए रत्न धारण करना लाभकारी हो सकता है। जैसे कि मंगल की शांति के लिए मूंगा (कोरल), राहु की शांति के लिए गोमेद (हसोनाइट), और शनि की शांति के लिए नीलम (ब्लू सफायर) धारण करना लाभकारी होता है।

  मंत्र जाप: विभिन्न ग्रहों के दोष निवारण के लिए उनके संबंधित मंत्रों का जाप करना अत्यंत प्रभावी होता है। जैसे कि मंगल मंत्र, राहु मंत्र, शनि मंत्र आदि। मंत्र जाप से मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा मिलती है, जिससे पारिवारिक कलह कम होता है।

दान और सेवा: धार्मिक ग्रंथों में दान और सेवा का विशेष महत्व बताया गया है। समय-समय पर अन्न, वस्त्र, धन, और शिक्षा का दान करना और गरीबों की सेवा करना ग्रह दोषों को शांत करने में मदद करता है। इससे घर में शांति और सामंजस्य बढ़ता है।

पारिवारिक कलह का प्रभाव

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मानसिक तनाव: पारिवारिक कलह के कारण घर के सभी सदस्यों में मानसिक तनाव बढ़ता है। इससे उनकी कार्यक्षमता और जीवन की गुणवत्ता पर बुरा प्रभाव पड़ता है।

 स्वास्थ्य समस्याएँ: निरंतर तनाव और झगड़े के कारण घर के सदस्यों को शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ता है।   आपसी संबंधों में दरार: झगड़े और मनमुटाव के कारण घर के सदस्यों के बीच आपसी संबंध कमजोर हो जाते हैं। इससे परिवार का सामूहिक ढांचा टूटने का खतरा बढ़ता है।

आर्थिक समस्याएँ : पारिवारिक कलह के कारण आर्थिक समस्याएँ भी उत्पन्न हो सकती हैं। तनाव और अशांति के कारण परिवार के सदस्यों की आर्थिक निर्णय क्षमता प्रभावित होती है, जिससे वित्तीय संकट पैदा हो सकता है।

निष्कर्ष

 वैदिक ज्योतिषी दृष्टि से पारिवारिक झगड़े और मनमुटाव के पीछे कई कारण हो सकते हैं। ग्रहों की अशुभ स्थिति, कुंडली दोष, और वास्तु दोष इन समस्याओं के प्रमुख कारण हो सकते हैं। मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध ज्योतिषी मनोज साहू जी के अनुसार, ज्योतिष शास्त्र में दिए गए उपायों को अपनाकर इन समस्याओं का समाधान किया जा सकता है। इन उपायों को अपनाकर परिवार में शांति और सामंजस्य को बढ़ाया जा सकता है। हालांकि, यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि ज्योतिषशास्त्र एक मार्गदर्शन प्रदान करता है और इसे जीवन की समस्याओं के समाधान का एक हिस्सा मानना चाहिए, ना कि पूरी तरह से निर्भरता। पारिवारिक शांति और सामंजस्य को बढ़ाने के लिए प्रेम, समझ, और सामंजस्य भी अत्यंत आवश्यक हैं।

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