वास्तु के अनुसार सुखी वैवाहिक जीवन के लिए चीजें सही रहती हैं - best astrologer in indore madhya pradesh

वास्तु के अनुसार सुखी वैवाहिक जीवन के लिए चीजें सही रहती हैं

वास्तु शास्त्र और ज्योतिष शास्त्र का हमारे जीवन के हर पहलू पर गहरा प्रभाव होता है। विशेष रूप से, सुखी और समृद्ध वैवाहिक जीवन के लिए इन प्राचीन विधाओं के सुझावों का पालन करना अत्यंत लाभकारी सिद्ध हो सकता है। इंदौर के प्रसिद्ध ज्योतिषी मनोज साहू जी के अनुसार वैदिक ज्योतिष और वास्तु शास्त्र के समन्वय से वैवाहिक जीवन में संतुलन, सामंजस्य और प्रेम को बढ़ाया जा सकता है। आइए जानते हैं कि कैसे वास्तु और ज्योतिष के सिद्धांतों को अपनाकर आप अपने दांपत्य जीवन को सुखमय बना सकते हैं।

शयनकक्ष की सही दिशा और स्थान

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वास्तु शास्त्र के अनुसार, शयनकक्ष का स्थान और दिशा वैवाहिक जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। शयनकक्ष को घर के दक्षिण-पश्चिम दिशा में रखना सबसे शुभ माना जाता है। यह दिशा स्थिरता और सुरक्षा का प्रतीक होती है, जो दांपत्य जीवन में स्थिरता और संतुलन लाती है। यदि दक्षिण-पश्चिम दिशा संभव नहीं है, तो उत्तर-पश्चिम दिशा भी एक अच्छा विकल्प हो सकता है।

बिस्तर की सही व्यवस्था

बिस्तर की व्यवस्था भी वास्तु शास्त्र के अनुसार होनी चाहिए। दंपति का बिस्तर हमेशा एक ही और मजबूत होना चाहिए। बिस्तर का सिरहाना दक्षिण या पूर्व दिशा की ओर होना चाहिए। इससे सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है और पति-पत्नी के बीच मधुर संबंध कायम रहते हैं।

रंगों का महत्व

शयनकक्ष में उपयोग किए गए रंग भी दांपत्य जीवन को प्रभावित करते हैं। वास्तु शास्त्र के अनुसार, शयनकक्ष में हल्के और सुखद रंगों का उपयोग करना चाहिए। गुलाबी, हल्का नीला, हरा और क्रीम रंग शयनकक्ष के लिए उत्तम माने जाते हैं। ये रंग शांति और प्रेम का वातावरण बनाते हैं।

सही वस्त्र और सजावट

शयनकक्ष में सही वस्त्र और सजावट का विशेष महत्व है। मनोज साहू जी के अनुसार, बिस्तर पर गुलाबी या लाल रंग की चादरें उपयोग करने से प्रेम और आकर्षण बढ़ता है। साथ ही, दीवारों पर सुंदर और सकारात्मक चित्रों का उपयोग करें। पति-पत्नी की एक साथ ली गई तस्वीर को दक्षिण-पश्चिम दिशा में रखना शुभ माना जाता है।

दर्पण और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण

वास्तु शास्त्र के अनुसार, शयनकक्ष में दर्पण और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का सही स्थान पर होना आवश्यक है। दर्पण को बिस्तर के सामने नहीं रखना चाहिए, क्योंकि यह नकारात्मक ऊर्जा का कारण बन सकता है। इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को भी शयनकक्ष से दूर रखना चाहिए या कम से कम उपयोग करना चाहिए।

ज्योतिषीय उपाय

मध्यप्रदेश के प्रसिद्ध ज्योतिषी मनोज साहू जी के अनुसार , वैदिक ज्योतिष के माध्यम से भी वैवाहिक जीवन में सुख और समृद्धि लाई जा सकती है। हाल ही की गणना के अनुसार, दांपत्य जीवन को सुखमय बनाने के लिए निम्नलिखित ज्योतिषीय उपाय अपनाए जा सकते हैं:

  • रत्न धारण: राशि के अनुसार सही रत्न धारण करना। जैसे कि तुला राशि के जातकों के लिए ओपल और मेष राशि के जातकों के लिए मूंगा।
  • मंत्र जाप: नियमित रूप से कामदेव मंत्र, शिव पार्वती मंत्र, या लक्ष्मी नारायण मंत्र का जाप करना।
  • यंत्र स्थापना: दांपत्य जीवन में समृद्धि और प्रेम के लिए लक्ष्मी नारायण यंत्र या शिव पार्वती यंत्र की स्थापना करना।

पौधों का उपयोग

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शयनकक्ष में पौधों का उपयोग भी सकारात्मक ऊर्जा लाने में सहायक होता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, शयनकक्ष में गुलाब, चमेली, और मनी प्लांट जैसे पौधे रखना शुभ माना जाता है। इन्हें सही दिशा में रखने से प्रेम और सामंजस्य बढ़ता है।

अरोमा थैरेपी

अरोमा थैरेपी के माध्यम से भी वैवाहिक जीवन में सुख और शांति लाई जा सकती है। लैवेंडर, रोज, और जैस्मिन जैसे सुगंधित तेलों का उपयोग करने से शयनकक्ष का वातावरण खुशबूदार और सकारात्मक बनता है। यह तनाव को कम करता है और मानसिक शांति प्रदान करता है।

समय-समय पर सफाई और व्यवस्था

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भारत के प्रसिद्ध ज्योतिषी मनोज साहू जी के अनुसार वास्तु शास्त्र में सफाई और व्यवस्था का विशेष महत्व है। शयनकक्ष को हमेशा साफ-सुथरा और व्यवस्थित रखें। फालतू कागज, टूटे फर्नीचर, और अनावश्यक वस्त्रों को हटा दें। नियमित रूप से कमरे की सफाई करें और हर चीज को उचित स्थान पर रखें।

समृद्धि और सौभाग्य के प्रतीक

शयनकक्ष में समृद्धि और सौभाग्य के प्रतीक जैसे कि क्रिस्टल, चाइनीज सिक्के, और लाल रंग के सजावटी सामान का उपयोग किया जा सकता है। इन्हें सही दिशा में रखने से सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है और वैवाहिक जीवन में सुख और समृद्धि आती है।

इन वास्तु और ज्योतिषीय उपायों को अपनाकर आप अपने वैवाहिक जीवन को सुखमय बना सकते हैं। यह ध्यान रखें कि ये उपाय केवल सहायक होते हैं, मुख्य सफलता आपके आपसी समझ, प्रेम और सम्मान पर निर्भर करती है। वास्तु और ज्योतिष का समन्वय आपको सही दिशा में मार्गदर्शन कर सकता है और वैवाहिक जीवन को सुखमय और संतुलित बना सकता है।

निष्कर्ष

इंदौर के प्रसिद्ध ज्योतिषी मनोज साहू जी के अनुसार ज्योतिष और वास्तु शास्त्र के सिद्धांत सही ढंग से अपनाए जाने पर वैवाहिक जीवन में सुख और शांति का संचार होता है। यह न केवल व्यक्तिगत जीवन में संतुलन और सामंजस्य को बढ़ाता है, बल्कि पारिवारिक जीवन में भी सौहार्द और प्रसन्नता लाता है।

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