स्वस्थ शरीर और आत्मा के लिए वास्तु टिप - best astrologer in indore madhya pradesh

ज्योतिषी दृष्टि से स्वस्थ शरीर और आत्मा के लिए वास्तु टिप

भारत के प्रसिद्ध ज्योतिषी मनोज साहू जी, जो इंदौर, मध्यप्रदेश के जाने-माने ज्योतिषी हैं, वैदिक ज्योतिष के अनुसार स्वस्थ शरीर और आत्मा के लिए विशेष वास्तु टिप्स प्रदान करते हैं। हाल ही की गणना के अनुसार, उन्होंने कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं जो हमारे जीवन को संतुलित और सकारात्मक बना सकते हैं। आइए, उनके द्वारा दिए गए कुछ महत्वपूर्ण वास्तु टिप्स पर एक नज़र डालते हैं।

पूर्व दिशा का महत्व

वैदिक ज्योतिष के अनुसार, पूर्व दिशा को सूर्य का दिशा कहा जाता है, और इसे सकारात्मक ऊर्जा का स्रोत माना जाता है। इंदौर के प्रसिद्ध ज्योतिषी मनोज साहू जी के अनुसार, घर का मुख्य द्वार पूर्व दिशा में होना चाहिए क्योंकि यह स्वास्थ्य और खुशी को बढ़ावा देता है। इसके अलावा, पूर्व दिशा में पूजा कक्ष का निर्माण करना भी शुभ माना जाता है। यह दिशा मानसिक शांति और ध्यान के लिए उपयुक्त है, जिससे आत्मा को शुद्धि और ताजगी मिलती है।

रसोई की दिशा

स्वास्थ्य के लिए रसोई का सही दिशा में होना अत्यंत महत्वपूर्ण है। मध्यप्रदेश के प्रसिद्ध ज्योतिषी मनोज साहू जी के अनुसार, रसोई घर के आग्नेय कोण (दक्षिण-पूर्व दिशा) में होनी चाहिए। यह दिशा अग्नि तत्व का प्रतिनिधित्व करती है, जो ऊर्जा और स्वास्थ्य को नियंत्रित करती है। रसोई में खाना बनाते समय मुख पूर्व या उत्तर दिशा की ओर होना चाहिए। इससे सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है,जो भोजन को स्वास्थ्यवर्धक बनाता है।

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शयनकक्ष का स्थान

स्वस्थ शरीर और मानसिक शांति के लिए शयनकक्ष का सही स्थान चुनना आवश्यक है। मनोज साहू जी के अनुसार, शयनकक्ष दक्षिण-पश्चिम दिशा में होना चाहिए। यह दिशा स्थायित्व और संतुलन का प्रतीक है, जो शांति और गहरी नींद को प्रोत्साहित करता है। सोते समय सिर को दक्षिण या पूर्व दिशा की ओर रखना चाहिए। इससे रक्त संचार बेहतर होता है और मानसिक शांति मिलती है।

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बाथरूम और शौचालय की दिशा

स्वास्थ्य की दृष्टि से बाथरूम और शौचालय की दिशा का विशेष ध्यान रखना चाहिए। इन्हें उत्तर-पश्चिम या पश्चिम दिशा में बनाना चाहिए, क्योंकि यह दिशा जल तत्व का प्रतिनिधित्व करती है। इन स्थानों को घर के मुख्य भाग से दूर रखना चाहिए ताकि नकारात्मक ऊर्जा घर के अंदर न फैले। बाथरूम और शौचालय की सफाई का विशेष ध्यान रखें,क्योंकि स्वच्छता सेहत का पहला कदम है।

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बगीचे और पौधों का स्थान

स्वस्थ वातावरण के लिए घर में बगीचा और पौधों का होना आवश्यक है। मनोज साहू जी के अनुसार, पूर्व,उत्तर या उत्तर-पूर्व दिशा में बगीचा बनाना सबसे अच्छा होता है। यह दिशा सूर्य की पहली किरणों को प्राप्त करती है, जिससे पौधों का विकास बेहतर होता है और घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। तुलसी का पौधा घर में रखना अत्यंत शुभ माना जाता है। यह न केवल वातावरण को शुद्ध करता है,बल्कि धार्मिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है।

ध्यान और योग का स्थान

आत्मा की शांति और मानसिक स्वास्थ्य के लिए ध्यान और योग का अत्यधिक महत्व है। इसके लिए एक शांत और स्वच्छ स्थान चुनें। उत्तर-पूर्व दिशा इस कार्य के लिए सबसे उपयुक्त है, क्योंकि यह दिशा मानसिक शांति और आध्यात्मिक ऊर्जा का स्रोत है। ध्यान और योग के लिए साफ और खुला स्थान होना चाहिए, जहां आप शांति से बैठ सकें और ध्यान कर सकें।

रंगों का प्रभाव

वास्तु शास्त्र में रंगों का भी विशेष महत्व है। घर के विभिन्न हिस्सों में सही रंगों का प्रयोग सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाता है। शयनकक्ष में हल्के नीले या हरे रंग का प्रयोग करना चाहिए,जो शांति और आराम का अनुभव कराता है। रसोई में लाल या नारंगी रंग का प्रयोग अच्छा होता है, क्योंकि यह ऊर्जा और उत्साह को बढ़ावा देता है। ध्यान और योग कक्ष के लिए हल्के पीले या सफेद रंग का प्रयोग करना चाहिए, जो मानसिक शांति और ध्यान के लिए उपयुक्त होते हैं।

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फर्नीचर और सजावट

घर की सजावट और फर्नीचर का सही स्थान पर होना भी वास्तु के अनुसार महत्वपूर्ण है। भारी फर्नीचर जैसे कि बेड, अलमारी आदि को दक्षिण-पश्चिम दिशा में रखना चाहिए, क्योंकि यह दिशा स्थायित्व का प्रतीक है। हल्के फर्नीचर को उत्तर-पूर्व दिशा में रखें,जिससे घर में संतुलन बना रहे। सजावट में धार्मिक चित्रों और मूर्तियों का प्रयोग करें, जो सकारात्मक ऊर्जा और शांति को बढ़ावा देते हैं।

निष्कर्ष

भारत के प्रसिद्ध ज्योतिषी मनोज साहू जी के अनुसार, वास्तु शास्त्र और ज्योतिष का सही अनुपालन न केवल हमारे शरीर को स्वस्थ रखता है, बल्कि हमारी आत्मा को भी शांति और संतुलन प्रदान करता है। इन सुझावों का पालन करके हम अपने घर को एक सकारात्मक ऊर्जा से भर सकते हैं, जो हमारे समग्र स्वास्थ्य और खुशहाली में सहायक होता है। हाल ही की गणना के अनुसार,ज्योतिषीय दृष्टि से वास्तु के इन टिप्स को अपने जीवन में अपनाकर आप एक स्वस्थ,खुशहाल और संतुलित जीवन जी सकते हैं।

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