वास्तु के अनुसार अपने घर में मां दुर्गा की मूर्ति कहां और कैसे रखें - best astrologer in indore madhya pradesh

वास्तु के अनुसार अपने घर में मां दुर्गा की मूर्ति कहां और कैसे रखें

मां दुर्गा की पूजा भारतीय संस्कृति में अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है। देवी दुर्गा को शक्ति, साहस और विजय का प्रतीक माना जाता है। अपने घर में मां दुर्गा की मूर्ति रखने से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और परिवार में सुख-शांति और समृद्धि आती है। वास्तु शास्त्र और ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, मां दुर्गा की मूर्ति को सही स्थान और दिशा में रखना आवश्यक होता है ताकि उनकी कृपा प्राप्त हो सके। इंदौर के प्रसिद्ध ज्योतिषी मनोज साहू जी के अनुसार, सही दिशा और स्थान में मां दुर्गा की मूर्ति रखने से देवी की कृपा प्राप्त होती है और जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आते हैं।

मूर्ति की दिशा और स्थान

  • मां दुर्गा की मूर्ति को सही दिशा में रखना बहुत महत्वपूर्ण है। सही दिशा और स्थान का चयन करने से देवी की कृपा और आशीर्वाद प्राप्त होता है।

  • उत्तर-पूर्व दिशा (ईशान कोण): यह दिशा पूजा के लिए सबसे शुभ मानी जाती है। मां दुर्गा की मूर्ति को उत्तर-पूर्व दिशा में रखने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और परिवार के सदस्यों के बीच सामंजस्य बना रहता है। यह दिशा ज्ञान और शांति की दिशा मानी जाती है।
  • . पूर्व दिशा: मां दुर्गा की मूर्ति को पूर्व दिशा में रखना भी शुभ होता है। पूर्व दिशा सूर्योदय की दिशा है और इसे नई शुरुआत और ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है। इस दिशा में मां दुर्गा की मूर्ति रखने से घर में समृद्धि और खुशी बनी रहती है।

मूर्ति की ऊँचाई और स्थान

  • मूर्ति की ऊँचाई और स्थान का सही चयन भी महत्वपूर्ण है। इससे देवी की ऊर्जा का सही तरीके से संचार होता है।

  •  मूर्ति की ऊँचाई: मां दुर्गा की मूर्ति की ऊँचाई आंखों के स्तर पर होनी चाहिए ताकि पूजा करते समय सहजता से देवी के दर्शन किए जा सकें। यह भक्त और देवी के बीच आध्यात्मिक संबंध को मजबूत करता है।
  •   मूर्ति का स्थान: मां दुर्गा की मूर्ति को पूजा कक्ष या घर के उस हिस्से में रखना चाहिए जो शुद्ध और शांत हो। यह स्थान विशेष रूप से पूजा और ध्यान के लिए आरक्षित होना चाहिए। इस स्थान को साफ और सुसज्जित रखना चाहिए ताकि सकारात्मक ऊर्जा का संचार हो सके।

पूजा स्थल की सफाई और सजावट

  • भारत के प्रसिद्ध ज्योतिषी मनोज साहू जी के अनुसार मां दुर्गा की मूर्ति के स्थान की सफाई और सजावट का विशेष ध्यान रखना चाहिए। इससे पूजा का वातावरण पवित्र और शुभ बनता है।

  •     सफाई: पूजा स्थल को नियमित रूप से साफ करना चाहिए। मूर्ति के आसपास गंदगी नहीं होनी चाहिए। सफाई से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और देवी की कृपा प्राप्त होती है।
  •     सजावट: मां दुर्गा की मूर्ति के आसपास फूलों, दीपक और धूप का प्रयोग करें। लाल और पीले रंग के फूल विशेष रूप से शुभ माने जाते हैं। देवी के आस-पास दीपक जलाएं और धूप दिखाएं। यह सकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करता है और पूजा के माहौल को पवित्र बनाता है।

पूजा की विधि

  • मां दुर्गा की पूजा विधि का पालन करना भी महत्वपूर्ण है। सही विधि से पूजा करने से देवी की कृपा प्राप्त होती है।

  •   मंत्रों का जाप: मां दुर्गा की पूजा में देवी के मंत्रों का जाप करें। जैसे, “ॐ दुर्गायै नमः” या “ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे”। मंत्रों का जाप ध्यान और श्रद्धा से करें।
  •     अर्चना और अर्पण: मां दुर्गा की मूर्ति के समक्ष फूल, फल, मिठाई और नैवेद्य अर्पित करें। देवी को लाल रंग के वस्त्र पहनाएं और उन्हें श्रृंगार सामग्री अर्पित करें।
  •   ध्यान और ध्यान की मुद्रा: पूजा के समय ध्यान मुद्रा में बैठें और मां दुर्गा का ध्यान करें। इससे मानसिक शांति और आंतरिक शक्ति की प्राप्ति होती है।

वास्तु दोष निवारण

  • यदि घर में कोई वास्तु दोष हो, तो मां दुर्गा की मूर्ति की स्थापना से पहले इन दोषों का निवारण करें। इससे देवी की कृपा और आशीर्वाद प्राप्त होता है।

  • वास्तु दोष निवारक यंत्र: घर में वास्तु दोष निवारक यंत्र स्थापित करें। इससे नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव कम होता है और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
  • सकारात्मक ऊर्जा का संचार: घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करने के लिए नियमित रूप से हवन और दीपक जलाएं। इससे घर का वातावरण पवित्र और शुभ बनता है।

विशेष ज्योतिषीय सुझाव

  • मध्यप्रदेश के प्रसिद्ध ज्योतिषी मनोज साहू जी के अनुसार, मां दुर्गा की मूर्ति की स्थापना के समय कुछ विशेष ज्योतिषीय सुझावों का पालन करना चाहिए।

  •   मुहूर्त का चयन: मां दुर्गा की मूर्ति की स्थापना के लिए शुभ मुहूर्त का चयन करें। विशेष पर्व और नवरात्रि का समय मूर्ति स्थापना के लिए शुभ माना जाता है।
  •   ग्रहों की स्थिति: मूर्ति स्थापना के समय ग्रहों की स्थिति का भी ध्यान रखें। शुभ ग्रहों की स्थिति में मूर्ति की स्थापना से देवी की कृपा और आशीर्वाद प्राप्त होता है।
  •     पूजा विधि: मूर्ति स्थापना के समय विशेष पूजा विधि का पालन करें। पूजा विधि में हवन, मंत्र जाप, और अर्चना शामिल होती है। इससे देवी की कृपा प्राप्त होती है और घर में सुख-समृद्धि आती है।

निष्कर्ष

ज्योतिषी दृष्टि से वास्तु के अनुसार मां दुर्गा की मूर्ति की स्थापना का विशेष महत्व है। इंदौर के प्रसिद्ध ज्योतिषी मनोज साहू जी के अनुसार, सही दिशा, स्थान और पूजा विधि का पालन करने से देवी की कृपा प्राप्त होती है और घर में सुख-समृद्धि का संचार होता है। मां दुर्गा की मूर्ति की स्थापना से पहले सही मुहूर्त का चयन और वास्तु दोष निवारण भी महत्वपूर्ण है। इन उपायों को अपनाकर आप अपने जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और देवी की कृपा प्राप्त कर सकते हैं। मां दुर्गा की पूजा में श्रद्धा और भक्ति से ही सच्ची सफलता प्राप्त होती है।

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