आपके घर में बीमारियों के न जाने के संभावित कारण

भारतीय ज्योतिष शास्त्र, एक प्राचीन विद्या है जो ग्रहों और नक्षत्रों की स्थिति और उनकी मानव जीवन पर प्रभाव का अध्ययन करती है। इसमें विश्वास किया जाता है कि ग्रहों की स्थिति हमारे जीवन के हर पहलू को प्रभावित करती है, जिसमें स्वास्थ्य भी शामिल है। अगर घर में निरंतर बीमारियां बनी रहती हैं, तो इसका कारण ज्योतिषीय दृष्टि से भी देखा जा सकता है। आइए जानते हैं कि इंदौर के प्रसिद्ध ज्योतिषी मनोज साहू जी की दृष्टि से क्या कारण हो सकते हैं जिससे आपके घर से बीमारियां जाने का नाम ही नहीं लेतीं।

जन्म कुंडली और स्वास्थ्य

वैदिक ज्योतिष के अनुसार जन्म कुंडली में छठे भाव को स्वास्थ्य और बीमारियों से संबंधित माना जाता है। इसके अलावा, आठवां और बारहवां भाव भी महत्वपूर्ण होते हैं क्योंकि ये दीर्घकालिक और मानसिक बीमारियों का प्रतिनिधित्व करते हैं। इन भावों में स्थित ग्रह और उनकी दशाएं यह संकेत देती हैं कि व्यक्ति को किस प्रकार की स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।

ग्रहों का प्रभाव

  • शनि : शनि ग्रह को दीर्घकालिक बीमारियों और कमजोरी का कारक माना जाता है। यदि शनि अशुभ स्थिति में हो या नीच का हो तो यह व्यक्ति के स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव डाल सकता है।
  • राहु और केतु : ये छाया ग्रह होते हैं और इन्हें रहस्यमयी बीमारियों का कारक माना जाता है। राहु मानसिक तनाव और असमंजस की स्थिति उत्पन्न करता है, जबकि केतु अज्ञात और दीर्घकालिक बीमारियों का संकेतक होता है।
  • .मंगल : मंगल को ऊर्जा और रक्त का प्रतीक माना जाता है। अगर यह ग्रह अशुभ स्थिति में हो तो यह दुर्घटना जलन, और रक्त संबंधी समस्या उत्पन्न कर सकता है।
  • चंद्रमा : चंद्रमा को मन और मानसिक स्थिति का कारक माना जाता है। चंद्रमा की अशुभ स्थिति मानसिक तनाव, अवसाद और मानसिक बीमारियों का कारण बन सकती है।
  • सूर्य : सूर्य को आत्मा और जीवन शक्ति का कारक माना जाता है। यदि सूर्य कमजोर हो या अशुभ ग्रहों से प्रभावित हो तो यह इम्यून सिस्टम को कमजोर कर सकता है जिससे व्यक्ति जल्दी-जल्दी बीमार पड़ सकता है।

कुंडली में ग्रह दोष और उनके निवारण

अगर कुंडली में ग्रह दोष पाए जाते हैं, तो इंदौर के प्रसिद्ध ज्योतिषी साहू जी के अनुसार उनके निवारण के लिए विभिन्न उपाय बताए गए हैं:

  • शनि दोष निवारण: शनि की शांति के लिए शनि मंत्र का जाप, शनि मंदिर में तेल चढ़ाना, और शनि अमावस्या के दिन गरीबों को दान करना फायदेमंद होता है।
  • राहु और केतु दोष निवारण: राहु और केतु के प्रभाव को कम करने के लिए राहु और केतु मंत्र का जाप, नारियल का दान, और राहु काल के दौरान खासतौर पर सतर्क रहना चाहिए।
  • मंगल दोष निवारण: मंगल के अशुभ प्रभाव को दूर करने के लिए हनुमान चालीसा का पाठ, मसूर की दाल का दान, और हनुमान जी की पूजा करना लाभकारी होता है।
  • चंद्रमा दोष निवारण: चंद्रमा की शांति के लिए शिव जी की पूजा, सोमवार का व्रत, और चांदी के गहनों का धारण करना लाभकारी होता है।
  • सूर्य दोष निवारण: सूर्य की शांति के लिए आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ, तांबे के बर्तन में जल भरकर सूर्य को अर्घ्य देना, और सूर्य भगवान की पूजा करना लाभकारी होता है।

वास्तु दोष और स्वास्थ्य

प्रसिद्ध ज्योतिषी साहू जी के अनुसार ज्योतिष शास्त्र के साथ-साथ वास्तु शास्त्र भी स्वास्थ्य पर प्रभाव डाल सकता है। यदि घर में वास्तु दोष होते हैं तो यह भी बीमारियों का कारण बन सकते हैं। कुछ आम वास्तु दोष और उनके निवारण:

  • उत्तर-पूर्व कोण: इस दिशा में पानी का स्रोत होना शुभ माना जाता है। यदि यह क्षेत्र बंद हो या गंदा हो तो यह स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकता है। इसे साफ और खुला रखना चाहिए।
  • दक्षिण-पश्चिम कोण: इस दिशा में भारी सामान और गहरा रंग होना चाहिए। इस कोण में कोई दोष हो तो परिवार के मुखिया के स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ सकता है।
  • मुख्य दरवाजा: मुख्य दरवाजा साफ और बाधा रहित होना चाहिए। अगर यहां वास्तु दोष हो तो यह नकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित कर सकता है जिससे घर के सदस्यों का स्वास्थ्य प्रभावित हो सकता है।

उपाय

  • मंत्र जाप और पूजा: ग्रहों के शांति के लिए नियमित रूप से संबंधित मंत्रों का जाप और पूजा करना चाहिए।
  • दान: विभिन्न ग्रहों की शांति के लिए दान करना एक प्रभावी उपाय हो सकता है। जैसे कि शनिदेव की शांति के लिए काले तिल, काले कपड़े और लोहे का दान करना।
  • वास्तु उपाय: घर के वास्तु दोष को ठीक करने के लिए विशेषज्ञ की सलाह लेनी चाहिए। जैसे कि उत्तर-पूर्व कोण को साफ और खुला रखना, दक्षिण-पश्चिम कोण को भारी और गहरा रखना, और मुख्य दरवाजे को साफ और बाधा रहित रखना।

निष्कर्ष

ज्योतिषीय दृष्टि से घर में निरंतर बीमारियों के बने रहने के पीछे कई कारण हो सकते हैं। ग्रहों की अशुभ स्थिति, कुंडली में ग्रह दोष, और घर में वास्तु दोष इन समस्याओं के प्रमुख कारण हो सकते हैं। इंदौर के प्रसिद्ध ज्योतिषी मनोज साहू जी के अनुसार ज्योतिष शास्त्र और वास्तु शास्त्र में दिए गए उपायों को अपनाकर इन समस्याओं का समाधान किया जा सकता है। हालांकि, यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि ज्योतिष और वास्तु शास्त्र मार्गदर्शन प्रदान करते हैं, और इन्हें जीवन की समस्याओं के समाधान का एक हिस्सा मानना चाहिए, ना कि पूरी तरह से निर्भरता। स्वास्थ की देखभाल, संतुलित आहार, और नियमित व्यायाम भी स्वस्थ जीवन के लिए अत्यंत आवश्यक हैं।

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