अगर आपके पार्टनर की कुंडली आपकी कुंडली से मेल नहीं खाती तो क्या करें - best astrologer in indore madhya pradesh

अगर आपके पार्टनर की कुंडली आपकी कुंडली से मेल नहीं खाती तो क्या करें |

भारतीय समाज में विवाह का एक महत्वपूर्ण हिस्सा कुंडली मिलान होता है। कुंडली मिलान के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाता है कि पति-पत्नी का जीवन सुखमय और समृद्ध हो। लेकिन कभी-कभी ऐसा होता है कि प्रेम और आपसी समझ के बावजूद, ज्योतिषीय दृष्टि से कुंडलियां मेल नहीं खातीं। ऐसे में यह प्रश्न उठता है कि क्या करना चाहिए? इंदौर के प्रसिद्ध ज्योतिषी मनोज साहू जी के अनुसार, कुंडली मेल न खाने पर भी कुछ उपाय और सुझाव हैं जिनसे वैवाहिक जीवन को सुखमय बनाया जा सकता है। आइए जानते हैं विस्तार से।

कुंडली मिलान का महत्व

विवाह से पहले कुंडली मिलान का उद्देश्य यह जानना होता है कि पति-पत्नी के बीच तालमेल और सामंजस्य कैसा रहेगा। कुंडली मिलान के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:

  • गुण मिलान: इसमें वर और वधू की कुंडली के 36 गुणों का मिलान किया जाता है। कम से कम 18 गुणों का मिलना शुभ माना जाता है।
  • मंगल दोष: मंगल दोष का मिलान किया जाता है क्योंकि यह दोष वैवाहिक जीवन में तनाव और संघर्ष का कारण बन सकता है।
  • दशाओं का मिलान: विभिन्न ग्रहों की दशाओं का मिलान किया जाता है ताकि यह पता चल सके कि जीवन में किस प्रकार के अनुभव और घटना होंगी।

कुंडली मेल न खाने पर क्या करें?

यदि कुंडलियां मेल नहीं खातीं, तो भी कुछ ज्योतिषीय उपाय और सुझाव हैं जिनसे वैवाहिक जीवन को सफल बनाया जा सकता है।

व्रत और पूजा

ज्योतिष शास्त्र में व्रत और पूजा का विशेष महत्व है। विभिन्न देवताओं की पूजा और व्रत से कुंडली दोषों का निवारण किया जा सकता है।

  • मंगल दोष निवारण: मंगल दोष निवारण के लिए मंगलवार को व्रत रखें और हनुमानजी की पूजा करें। मंगल के अशुभ प्रभाव को कम करने के लिए ‘मंगल चंडी यज्ञ’ का आयोजन भी किया जा सकता है।
  • ग्रह शांति पूजा: जिन ग्रहों की स्थिति कुंडली में प्रतिकूल है, उनकी शांति के लिए विशेष पूजा करें। उदाहरण के लिए, शनि की दशा के लिए ‘शनि शांति पूजा’ करें।

रुद्राक्ष धारण करें

रुद्राक्ष को शक्तिशाली और पवित्र माना जाता है। विभिन्न रुद्राक्ष धारण करने से ग्रहों के अशुभ प्रभाव को कम किया जा सकता है।

  • एक मुखी रुद्राक्ष: यह सभी ग्रहों के अशुभ प्रभाव को कम करने में सहायक होता है।
  • पांच मुखी रुद्राक्ष: यह मंगल दोष को शांत करने और मन को शांति प्रदान करने में मदद करता है।

रत्न धारण करें

ज्योतिष के अनुसार, विभिन्न रत्न धारण करने से ग्रहों के नकारात्मक प्रभाव को कम किया जा सकता है।

  • माणिक्य: यह सूर्य ग्रह के दोष को दूर करता है और आत्मविश्वास बढ़ाता है।
  • पन्ना: यह बुध ग्रह के दोष को दूर करता है और वैवाहिक जीवन में सामंजस्य बढ़ाता है।
  • मोती: यह चंद्रमा के दोष को दूर करता है और मानसिक शांति प्रदान करता है।

योग और ध्यान

योग और ध्यान से मानसिक शांति और आत्मसंयम प्राप्त किया जा सकता है। यह वैवाहिक जीवन में तनाव और संघर्ष को कम करने में सहायक होता है।

  • प्राणायाम: नियमित प्राणायाम से मन शांत रहता है और नकारात्मक विचारों का निवारण होता है।
  • ध्यान: ध्यान से आत्मसंयम और आत्मज्ञान की प्राप्ति होती है, जिससे जीवन में सामंजस्य बना रहता है।

समझ और सामंजस्य

वैवाहिक जीवन में सबसे महत्वपूर्ण है आपसी समझ और सामंजस्य। कुंडली मेल न खाने पर भी आपसी समझ और सामंजस्य से सभी समस्याओं का समाधान किया जा सकता है।

  • संवाद: एक दूसरे से खुलकर संवाद करें और समस्याओं का समाधान मिल जुलकर निकालें।
  • सम्मान: एक दूसरे का सम्मान करें और उनके विचारों को महत्व दें। यह आपसी तालमेल को बढ़ाता है।
  • समय बिताएं: एक दूसरे के साथ अधिक समय बिताएं और उनकी भावनाओं को समझें। इससे संबंध मजबूत होता है।

विशेष ज्योतिषीय उपाय

इंदौर के प्रसिद्ध ज्योतिषी मनोज साहू जी के अनुसार, कुछ विशेष ज्योतिषीय उपायों से कुंडली दोषों का निवारण किया जा सकता है:

  • मंत्र जाप: नियमित रूप से ‘महामृत्युंजय मंत्र’ और ‘गायत्री मंत्र’ का जाप करें। इससे सभी प्रकार के दोष दूर होते हैं।
  • दान: ग्रहों के अशुभ प्रभाव को कम करने के लिए दान करें। जैसे, शनि दोष के लिए काले तिल, काले कपड़े और लोहे का दान करें।
  • हवन: ग्रहों की शांति के लिए विशेष हवन करें। जैसे, ‘नवग्रह हवन’ से सभी ग्रहों की शांति होती है।

निष्कर्ष

कुंडली मिलान वैवाहिक जीवन को सुखमय और समृद्ध बनाने का एक माध्यम है, लेकिन अगर कुंडलियां मेल नहीं खातीं, तो भी चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। ज्योतिष शास्त्र में ऐसे कई उपाय और सुझाव हैं जिनसे कुंडली दोषों का निवारण किया जा सकता है और वैवाहिक जीवन को सफल बनाया जा सकता है। मध्यप्रदेश के प्रसिद्ध ज्योतिषी मनोज साहू जी के अनुसार, सही उपाय और आपसी समझ से किसी भी समस्या का समाधान संभव है। कुंडली मिलान के बावजूद, आपसी प्यार, सम्मान और समझ से वैवाहिक जीवन को सुखमय बनाया जा सकता है। इसलिए, इन उपायों और सुझावों को अपनाकर आप अपने वैवाहिक जीवन को सफल और खुशहाल बना सकते हैं।

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