किन कारणों से आपके चलते हुए काम रुक जाते हैं - best astrologer in indore madhya pradesh

किन कारणों से आपके चलते हुए काम रुक जाते हैं

ज्योतिष विज्ञान एक प्राचीन भारतीय विद्या है जो ग्रहों, नक्षत्रों और अन्य ज्योतिषीय तत्वों के आधार पर मनुष्य के जीवन के विभिन्न पहलुओं का विश्लेषण करती है। भारत के प्रसिद्ध ज्योतिषी मनोज साहू जी के अनुसार जीवन में कई बार ऐसा होता है कि हमारे चलते हुए काम अचानक रुक जाते हैं, प्रगति अवरुद्ध हो जाती है, और हम असहाय महसूस करते हैं। ऐसे में ज्योतिषीय दृष्टि से इन रुकावटों के कारणों को जानना और उनका समाधान ढूंढ़ना महत्वपूर्ण हो सकता है। इस लेख में हम ज्योतिषीय दृष्टि से उन प्रमुख कारणों पर चर्चा करेंगे जिनसे आपके चलते हुए काम रुक जाते हैं।

ग्रहों का प्रतिकूल प्रभाव

  • शनि की दशा और साढ़ेसाती: वैदिक ज्योतिष के अनुसार शनि ग्रह को कर्मफल का दाता माना जाता है। जब किसी व्यक्ति की कुंडली में शनि की दशा चल रही होती है या शनि की साढ़ेसाती होती है, तो इस दौरान व्यक्ति को कड़ी मेहनत के बाद भी कम सफलता मिलती है।  इंदौर के प्रसिद्ध ज्योतिषी साहू जी के अनुसार शनि की प्रतिकूल स्थिति कार्यों में रुकावट, मानसिक तनाव और असफलता का कारण बन सकती है।
  • राहु और केतु की दशा: राहु और केतु को छाया ग्रह माना जाता है जो व्यक्ति के जीवन में भ्रम, अव्यवस्था और अनिश्चितता लाते हैं।  वैदिक ज्योतिषी के अनुसार इनकी प्रतिकूल दशा के दौरान चलते हुए काम अचानक रुक सकते हैं या अज्ञात कारणों से बाधित हो सकते हैं।

कुंडली दोष

  • कालसर्प दोष: यह दोष तब बनता है जब राहु और केतु के बीच सभी ग्रह स्थित होते हैं। यह दोष जीवन में विभिन्न प्रकार की समस्याएं लाता है, जैसे कि स्वास्थ्य समस्याएं, आर्थिक कठिनाइयां और कार्यक्षेत्र में रुकावटें।
  • पितृ दोष: पितृ दोष भी एक महत्वपूर्ण कुंडली दोष है जो पिछले जन्म के कर्मों का परिणाम होता है। मध्यप्रदेश के प्रसिद्ध ज्योतिषी साहू जी के अनुसार  इस दोष के कारण व्यक्ति को अपने जीवन में बार-बार रुकावटों का सामना करना पड़ता है और सफलता प्राप्ति में कठिनाई होती है।

ग्रहों की युति और दृष्टि

  • शनि-मंगल युति: शनि और मंगल की युति या दृष्टि व्यक्ति के जीवन में संघर्ष और बाधाएं ला सकती है। यह युति विशेष रूप से कार्यक्षेत्र में रुकावट और असफलता का कारण बन सकती है।
  • राहु-केतु की दृष्टि: राहु और केतु की दृष्टि भी जीवन में विभिन्न प्रकार की समस्याएं उत्पन्न कर सकती है, जैसे कि मानसिक तनाव, कार्यों में बाधाएं और अनिश्चितता।

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वास्तु दोष

  • घर या कार्यालय का वास्तु दोष: वास्तु दोष भी जीवन में रुकावटों का कारण बन सकता है। यदि आपके घर या कार्यालय का वास्तु सही नहीं है, तो यह आपके कार्यों में बाधाएं और समस्याएं उत्पन्न कर सकता है। वास्तु दोष से ऊर्जा का प्रवाह बाधित होता है, जिससे काम में रुकावट और असफलता होती है।
  • नकारात्मक ऊर्जा: वास्तु दोष के कारण नकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है, जो व्यक्ति के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को प्रभावित करता है और कार्यक्षेत्र में प्रगति को अवरुद्ध करता है।

व्यक्तिगत ग्रहणियाँ

  • मानसिक स्थिति और आत्मविश्वास: व्यक्ति की मानसिक स्थिति और आत्मविश्वास भी कार्यों की प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यदि व्यक्ति मानसिक रूप से अस्थिर है या आत्मविश्वास की कमी है, तो इससे कार्यों में रुकावटें आ सकती हैं।
  • नकारात्मक सोच: नकारात्मक सोच और दृष्टिकोण भी कार्यक्षेत्र में बाधाएं उत्पन्न कर सकते हैं। सकारात्मक दृष्टिकोण और आत्मविश्वास के साथ काम करने से कार्यों में प्रगति होती है और बाधाएं दूर होती हैं।

कर्म और कर्मफल

  • पूर्व जन्म के कर्म: ज्योतिष के अनुसार, व्यक्ति के पूर्व जन्म के कर्म उसके वर्तमान जीवन को प्रभावित करते हैं। यदि किसी व्यक्ति के पूर्व जन्म के कर्म अच्छे नहीं हैं, तो उसे अपने वर्तमान जीवन में कठिनाइयों और रुकावटों का सामना करना पड़ सकता है।
  • वर्तमान जीवन के कर्म: वर्तमान जीवन में किए गए कर्म भी जीवन में सफलता और असफलता का कारण बनते हैं। अच्छे कर्म करने से व्यक्ति को सफलता और प्रगति मिलती है, जबकि बुरे कर्म समस्याओं और रुकावटों का कारण बनते हैं।

उपाय

  • ग्रहों की शांति: ग्रहों की शांति के लिए नियमित पूजा-पाठ, मंत्र जाप, और रत्न धारण करना लाभकारी हो सकता है। इससे ग्रहों के प्रतिकूल प्रभाव को कम किया जा सकता है और जीवन में सकारात्मकता लाई जा सकती है।
  • वास्तु सुधार: घर और कार्यालय के वास्तु दोष को सुधारने के लिए वास्तु शास्त्र के अनुसार परिवर्तन करें। सही दिशा में बैठना और सही रंगों का प्रयोग करना महत्वपूर्ण हो सकता है।
  • सकारात्मक सोच: सकारात्मक सोच और आत्मविश्वास के साथ काम करने से जीवन में सफलता प्राप्त की जा सकती है। योग, ध्यान, और प्राणायाम से मानसिक शांति और आत्मविश्वास बढ़ाया जा सकता है।
  • ज्योतिषीय परामर्श: भारत के प्रसिद्ध ज्योतिषी मनोज साहू जी, जो वेदिक ज्योतिष, अंक ज्योतिष, और लाल किताब विशेषज्ञ हैं, से परामर्श लें। वे आपकी कुंडली का विश्लेषण कर सही उपाय बता सकते हैं जिससे आपके कार्यक्षेत्र में समस्याएं कम हो सकती हैं।

निष्कर्ष

ज्योतिषीय दृष्टि से चलते हुए काम रुकने के कई कारण हो सकते हैं, जैसे कि ग्रहों की दशा, कुंडली दोष, वास्तु दोष, व्यक्तिगत ग्रहणियाँ, और कर्म। इन समस्याओं का समाधान ज्योतिषीय उपायों और सकारात्मक दृष्टिकोण से किया जा सकता है। मनोज साहू जी जैसे विशेषज्ञ ज्योतिषियों की सलाह लेकर आप अपने जीवन में सफलता और प्रगति प्राप्त कर सकते हैं और अपने कार्यक्षेत्र में रुकावटों को दूर कर सकते हैं।

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