जय महाकाल
नमस्कार मित्रों,
आप सब को मैं ज्योतिषाचार्य मनोज साहू आप सब का धन्यवाद करता हूँ कि आप सब अपना कीमती समय निकाल कर मेरे आर्टिकल्स पड़ते हैं और उनसे अधिक से अधिक लाभ उठाते हैं। अगर आप सब को आर्टिकल्स में किसी सब्जेक्ट के बारे में और अधिक जानकारी लेना चाहते हैं तो आप निसंकोच मुझसे संपर्क कर सकते हैं। जो कि मुझे आर्टिकल्स को और भी बेहतर बनाने में उत्साहित करेगा। मित्रों अगर आप की ज़िंदगी में कोई भी समस्या चल रही है और आप उससे निजाद पाना चाहते है तो मुझे ज़रूर लिखें और मैं पूरी कोशिश करूंगा कि उसके बारे में अधिक से अधिक जानकारी आप लोगों को मुहैया करवा सकूँ।
How to make happy Rahu – कैसे राहु को प्रसन्न करे?

जिस प्रकार उल्लू पर पर सवार लक्ष्मी तामसी है, कार्तिक की अमावस्या को उसका पूजन होता है, उसी प्रकार सप्तशती के अनुसार महाकाली से शिव शारदा तामसी पैदा हुए थे। यह तामसी ब्रह्मा को दी गई। यही तामसी सरस्वती (शारदा) हमारी बुद्धि में बुरे विचार पैदा करती है और बुरे कर्म कराती है। इसी के कारण ब्रह्मा जीव को जन्म – मरण के चक्र में चलाते रहते हैं।
राहु सिर है, अतः बुद्धि और विचारों के संकल्पों – विकल्पों का केंद्र है और शारदा (सरस्वती) बुद्धि की अधिष्ठात्री है। इसीलिए वह राहु की भी अधिष्ठात्री है। लाल किताब Lal Kitab के अनुसार दिमाग के 42 खाने राहु से प्रेरित है। राहु – केतु ग्रहों के शुभ – अशुभ योग से अच्छे या बुरे होते हैं अन्यथा राहु गरीबों का सहायक और मुसाफिरों का पथ प्रदर्शक है।
What is rahu – राहु क्या है?
ज्योतिष के अनुसार राहू ग्रह के उपाय – राहू और मैं, आज मैं आप लोगों को राहू देव के विषय में कुछ रोचक जानकारी Best Remedy of Rahu दे रहा हूँ । मित्रो जिस जातक की जन्म कुंडली में राहू देव कुंडली के घर 2 में होते हैं, तब रुपया पैसा की कमी, ससुराल से बनती नही, बिगड़ जाती है, परिवार छोटा होता है। मन्दिर में चढ़ाया पैसा नुकसान देता है। ईशान कोण की तरफ मुँह करके पूजा पाठ किया जाये तो बर्बाद कर देता है और बचपन से ही गरीबी में गुजारा चल रहा होता है, अगर शनि देव भी अच्छे हाल में ना हों, ऐसा क्यूं होता है, मैं आपको तर्क के साथ बताता हूँ। उदाहरण के लिए; मित्रो आपकी जन्म कुंडली में राहू देव कितने भी अच्छे हाल बैठे हो तब भी उनसे सम्बंधित सामान घर में या तन पर नही रखना चाहिए। जबकि अन्य ग्रहों में ऐसा नियम नही है। अन्य ग्रह अच्छे हों तो उनसे सम्बंधित सामान घर और तन पर धारण करने से उनके अच्छे फल मिलते हैं। लेकिन rahu राहू देव अच्छे हों या बुरे पर उनसे सम्बंधित सामान से दूर ही रहें। Remedy of rahu
Remedy for Rahu
दोस्तों तर्क पर गौर करें, हमारी जन्म कुंडली में 2nd घर ससुराल, धन स्थान, कुटुंब, ईशान कोण और धर्म स्थान माना जाता है। अब दूसरी बात ध्यान से समझो 2nd घर को गुरु देव ब्रह्स्पति का पक्का घर माना है। क्योंकि घर दो धर्म स्थान, धन स्थान और कुटुंब स्थान माना जाता है और इन सब सुखों पर ब्रह्स्पति देव का अधिकार है, इस कारण 2nd घर में ब्रह्स्पति अच्छा फल देते हैं और 2nd घर को ब्रह्स्पति का पक्का घर माना जाता है और 2nd घर को शुक्र का भी पक्का घर माना जाता है क्योंकि काल पुरुष कुंडली के अनुसार घर दो में शुक्र की राशि पड़ती है।
इसी प्रकार से दूसरी बात भी समझें काल पुरुष कुंडली के अनुसार 2nd घर में वृषभ राशि आती है क्योंकि लग्न मेष राशि का होता है। तो 2nd घर वृषभ राशि और वृषभ राशि पर शुक्र देव का अधिकार है। इसको दुसरे तरीके से समझे। 2nd घर में शुक्र की जमीन पर ब्रह्स्पति का मकान (राशि शुक्र की और पक्का घर ब्रह्स्पति का) और rahu राहू देव बृहस्पति और शुक्र दोनों के जानी दुश्मन हैं। तो इन दोनों, ब्रह्स्पति और शुक का पित्र दोष बन जाता है।
अब 2nd घर के अन्य सुखों के विषय को समझें। Best remedy of Rahu राहू 2nd घर में दोनों मालिकों ब्रह्स्पति और शुक्र का जानी दुश्मन है और पापी ग्रह भी है, राक्षस प्रवत्ति भी है, rahu राहू देव के बारे में ये भी ध्यान रखें की rahu राहू का स्वभाव कैसा है। हकीकत में मित्रो rahu राहू देव अलगाव बादी ग्रह है। जँहा बैठेंगे और जँहा देखेंगे वहां के सुखों को आग लगाने या तबाह करने का काम करते है।
दोस्तों अब गौर करो कि rahu राहू अपने स्वभाव बस 2nd घर के सुखो को आग ही लगायेगें। साथ ही ब्रह्स्पति और शुक्र के सुखों को भी आग ही लगाएंगे क्योंकि rahu राहू देव ब्रह्स्पति और शुक्र से दुश्मनी रखते हैं। दूसरी बात पर और ध्यान दें ब्रह्स्पति और शुक्र सात्विक और नरम ग्रह होने के कारण राहू जैसे पापी और तामसिक ग्रह से मुकाबला नही कर सकते। कारण भी है ज्ञानी व्यक्ति बुरे और दुराचारी व्यक्ति से दूर रहने में ही भलाई समझता है।
मित्रो यंहा पर मैं आप सभी को एक बात और बता दूँ कि 2nd घर ससुराल के सुखों का भी होता है और ससुराल का कारक ग्रह स्वयं rahu राहू देव ही होते हैं और best remedy of rahu राहू देव 2nd घर में हों तो ससुराल से सम्बन्ध खराब करवा देते हैं। सोचो आप सभी, rahu राहू खुद ही अपने सुखों पर भी आग ही उड़ेल देते हैं, क्यूं, कभी आप भी सोचना जरूर, यहाँ पर मैं बता देता हूँ, पाप तत्व, जी हाँ, मित्रो rahu राहू देव के स्वभाव में तामसिकता और पाप तत्व ज्यादा मात्रा में है। इस कारण बुरा करते समय उन्हें खुद ही नही पता होता कि क्या कर रहे हैं। लेकिन सावधानी के तौर पर ससुराल से अच्छे सम्बन्ध बनाये जाएँ तो rahu राहू देव की बुरी शरारतों से कुछ बचाव सम्भव है।…
अब एक और तरीके से समझने की कोशिस करें, पूजा पाठ, अध्यात्म, मन्दिर, रुपया पैसा, घर का ईशान कोण अक्सर वहां पर मन्दिर बना होता है, हमारे परिवार के सदस्यों में बढ़ोत्तरी, ये सब ब्रह्स्पति देव के गुण हैं और जब ब्रह्स्पति के साथ या उनके घरों में उनके दुश्मन ग्रह ना हों तब ही ब्रह्स्पति अपने सुखों को खुल के भोगने देंगे। अगर ब्रह्स्पति देव के साथ या उनके घरों में उनके दुश्मन होंगे तो ब्रह्स्पति कैसे हमारे जीवन में खुशियाँ लाएंगे।
How to make rahu positive
दोस्तों, राहू Best Remedy of Rahu का सामान जैसे बन्द घड़ियां, बिजली का खराब सामान, खोटे सिक्के, विदेशी करन्सी, बिना ताले की चाबियां, बिना चाबी के ताले, बारिश की भीगी लकड़ी, कीलें, नट बोल्ट, पुरानी डाक टिकट या अन्य किसी भी प्रकार का कबाड़ जो इस्तेमाल में ना आ रहा हो, जो हमे अपने घर पर नही रखना चाहिये और राहू best remedy of rahu के नीले रंग के कपडे इस्तेमाल नही करने चाहिए। और न ही इनसे लाभ उठाने का सोचना चाहिए, अपने घर की छत को हमेशा साफ रखें। घर की सीढ़ियों के ऊपर या नीचे कैसा भी अच्छा या बुरा सामान कभी भी ना रखें। कटे फ़टे और गन्दे बिस्तर का उपयोग ना करें। साबुन या सर्फ में भीगे कपड़े रात को स्नानघर में ना छोड़ें। बाथरूम्स एवं टॉयलेट्स को एकदम साफ सुथरा और खुशबूदार रखें। रात के झूठे बर्तन साथ के साथ साफ करें उन्हें सुबह के लिए ना छोड़े। इसके अतिरिक्त राहू देव का रंग गहरा नीला होता है। इसलिए नीले रंग के कपड़े ना डालें और घर के पर्दे तकिये बिस्तर आदि का रंग भी नीला ना रखें।
दोस्तों, अगर आप की कुंडली में भी ऐसे योग हों या बुरे ग्रहों से सम्बंधित वीडियो में बताये हुए हालात हों तो जल्द से जल्द हमारे विजय नगर, इंदौर में ज्योतिषाचार्य साहू जी से संपर्क करें और उपायों द्वारा बुरे योगों के दुशप्रभाव को कम करने का प्रयास करें और अपने जीवन को अधिक से अधिक खुशहाल बनायें ।
जो सज्जन अपनी या अपने परिवार की जन्म कुंडली दिखाना चाहता है साथ बुरे ग्रहों की जानकारी लेना चाहते हो वो कृपा दिए गए नंबर पर सम्पर्क करे या फ़ोन में भी अपनी परामर्श फीस जमा कराकर सलाह प्राप्त कर सकता है। अगर आप इंदौर से दूर हैं तब भी आप हमारे ऑफिस में असिस्टैंट से फ़ोन कॉल के माध्यम से अपनी कुंडली पर सलाह प्राप्त कर सकता है।
एस्ट्रोलॉजर साहू जी
ए बी रोड, विजय नगर, इंदौर
मोबाइल : 9039636706, 8656979221
फेस बुक पेज; लाल किताब इंदौर
ईमेल : indorejyotish@gmail.com
सावधानी: कोई भी उपाय करने से पहले ज्योतिषाचार्य से सलाह अवश्य लें।
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