प्रश्न कुंडली प्रश्न कुंडली कैसे बनाएं और उसका विश्लेषण कैसे करें - Best Astrologer Sahu Ji In Indore Madhya Pradesh

प्रश्न कुंडली: प्रश्न कुंडली कैसे बनाएं और उसका विश्लेषण कैसे करें

प्रश्न कुंडली क्या होती है?

प्रश्न कुंडली भारतीय ज्योतिष में एक महत्वपूर्ण विधा है, जिसमें किसी विशेष प्रश्न का उत्तर जानने के लिए कुंडली बनाई जाती है। जब व्यक्ति किसी विशिष्ट प्रश्न का उत्तर जानना चाहता है, तो उस समय की कुंडली बनाई जाती है, जिसे प्रश्न कुंडली कहते हैं। यह ज्योतिषीय तकनीक व्यक्ति के जीवन के किसी भी पहलू से संबंधित सवालों का उत्तर देने में सहायक होती है, जैसे कि नौकरी, विवाह, स्वास्थ्य, व्यापार, यात्रा, आदि।

प्रश्न कुंडली कैसे बनाएं?

प्रश्न कुंडली बनाने के लिए निम्नलिखित चरणों का पालन किया जाता है:

  • प्रश्न का निर्धारण:
    • सबसे पहले, व्यक्ति को स्पष्ट और सटीक प्रश्न सोचना चाहिए। प्रश्न जितना स्पष्ट और सटीक होगा, कुंडली का विश्लेषण उतना ही सही और सटीक होगा।
  • समय और स्थान का निर्धारण:
    • प्रश्न पूछे जाने का सटीक समय और स्थान दर्ज किया जाता है। यही समय और स्थान प्रश्न कुंडली के निर्माण के लिए आधार होते हैं।
  • लग्न का निर्धारण:
    • प्रश्न पूछे जाने के समय और स्थान के आधार पर लग्न का निर्धारण किया जाता है। इसके लिए ज्योतिषी पंचांग या कुंडली बनाने के सॉफ्टवेयर का उपयोग करते हैं।
  • ग्रहों की स्थिति का निर्धारण:
    • प्रश्न पूछे जाने के समय ग्रहों की स्थिति को निर्धारित किया जाता है। इसके लिए सूर्य, चंद्रमा, मंगल, बुध, बृहस्पति, शुक्र, शनि, राहु और केतु की स्थिति को देखा जाता है।
  • कुंडली का निर्माण:
    • उपरोक्त जानकारी के आधार पर कुंडली का निर्माण किया जाता है। कुंडली में बारह भाव (घरों) को दर्शाया जाता है और ग्रहों की स्थिति को उन भावों में अंकित किया जाता है।

प्रश्न कुंडली का विश्लेषण कैसे करें?

प्रश्न कुंडली का विश्लेषण करने के लिए निम्नलिखित चरणों का पालन किया जाता है:

  • प्रथम भाव (लग्न) का विश्लेषण:
    • प्रथम भाव (लग्न) का विश्लेषण किया जाता है क्योंकि यह प्रश्नकर्ता के बारे में जानकारी देता है। इस भाव के स्वामी और उसमें स्थित ग्रहों का विश्लेषण किया जाता है।
  • प्रश्न से संबंधित भाव का विश्लेषण:
    • प्रश्न से संबंधित भाव का विश्लेषण किया जाता है। उदाहरण के लिए, यदि प्रश्न नौकरी से संबंधित है, तो दसवें भाव का विश्लेषण किया जाएगा। इंदौर के प्रसिद्ध ज्योतिषी मनोज साहू जी के अनुसार यदि प्रश्न विवाह से संबंधित है, तो सातवें भाव का विश्लेषण किया जाएगा।
  • ग्रहों की स्थिति और दृष्टि का विश्लेषण:
    • ग्रहों की स्थिति और उनकी दृष्टि का विश्लेषण किया जाता है। यह देखा जाता है कि कौन-से ग्रह अनुकूल स्थिति में हैं और कौन-से ग्रह प्रतिकूल स्थिति में हैं।
  • दशा और अंतर्दशा का विश्लेषण:
    • प्रश्न कुंडली में ग्रहों की दशा और अंतर्दशा का विश्लेषण किया जाता है। इससे यह पता चलता है कि प्रश्न के समय कौन-से ग्रह प्रभावी हैं और उनका प्रश्न पर क्या प्रभाव है।
  • योग और संयोग का विश्लेषण:
    • कुंडली में बनने वाले योग और संयोग का विश्लेषण किया जाता है। इससे प्रश्न के उत्तर को और अधिक सटीकता से समझा जा सकता है।
  • विभिन्न चार्ट का उपयोग:
    • प्रश्न कुंडली के विश्लेषण में विभिन्न चार्टों का उपयोग किया जाता है, जैसे कि नवांश कुंडली, चंद्र कुंडली, आदि। ये चार्ट विश्लेषण को और अधिक विस्तृत और सटीक बनाते हैं।

प्रश्न कुंडली का महत्व

प्रश्न कुंडली का महत्व इस बात में निहित है कि यह किसी भी समय उठाए गए प्रश्न का उत्तर देने में सक्षम है। इसके कुछ प्रमुख लाभ इस प्रकार हैं:

  • त्वरित उत्तर:
    • प्रश्न कुंडली के माध्यम से व्यक्ति को अपने प्रश्न का त्वरित उत्तर मिल सकता है। यह विशेष रूप से उन स्थितियों में सहायक होती है जब व्यक्ति को तत्काल निर्णय लेना होता है।
  • सटीकता:
    • प्रश्न कुंडली का विश्लेषण अत्यधिक सटीक हो सकता है, बशर्ते कि प्रश्न स्पष्ट और सटीक हो। सही समय और स्थान के आधार पर बनाई गई कुंडली व्यक्ति के प्रश्न का सही उत्तर प्रदान कर सकती है।
  • व्यक्तिगत समस्याओं का समाधान:
    • प्रश्न कुंडली व्यक्ति की व्यक्तिगत समस्याओं का समाधान ढूंढने में मदद करती है। यह विवाह, स्वास्थ्य, नौकरी, व्यवसाय, यात्रा आदि से संबंधित प्रश्नों का उत्तर देने में सक्षम होती है।
  • भविष्यवाणी:
    • प्रश्न कुंडली के माध्यम से भविष्यवाणी की जा सकती है। इंदौर के प्रसिद्ध ज्योतिषी मनोज साहू जी के अनुसार यह व्यक्ति को भविष्य में होने वाली घटनाओं के बारे में जानकारी प्रदान कर सकती है और उसे सही निर्णय लेने में मदद कर सकती है।

निष्कर्ष

प्रश्न कुंडली ज्योतिष का एक महत्वपूर्ण और प्रभावी उपकरण है जो किसी भी विशेष प्रश्न का उत्तर देने में सक्षम है। यह व्यक्ति को उसकी समस्याओं का समाधान ढूंढने में मदद करता है और उसे सही दिशा में आगे बढ़ने का मार्गदर्शन करता है। प्रश्न कुंडली का सही और सटीक विश्लेषण व्यक्ति को उसकी समस्याओं का समाधान ढूंढने में अत्यधिक सहायक हो सकता है। मध्यप्रदेश के प्रसिद्ध ज्योतिषी मनोज साहू जी के अनुसार प्रश्न कुंडली का अध्ययन और विश्लेषण करके व्यक्ति अपने जीवन को बेहतर बना सकता है और अपने भविष्य के बारे में अधिक जानकारी प्राप्त कर सकता है। इसलिए, किसी भी महत्वपूर्ण प्रश्न का उत्तर पाने के लिए प्रश्न कुंडली का सहारा लेना एक उचित और लाभकारी विकल्प हो सकता है।

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