राहु और केतु प्रभाव और उनसे बचने के उपाय - Best Astrologer Sahu Ji in Indore Madhya Pradesh

राहु और केतु: प्रभाव और उनसे बचने के उपाय

राहु और केतु क्या हैं?

राहु और केतु भारतीय ज्योतिष में महत्वपूर्ण ग्रह माने जाते हैं, लेकिन ये वास्तव में ग्रह नहीं हैं। इंदौर के प्रसिद्ध ज्योतिषी मनोज साहू जी के अनुसार ये चंद्रमा और पृथ्वी की कक्षाओं के काटने वाले बिंदु हैं जिन्हें ‘छाया ग्रह’ कहा जाता है। राहु और केतु क्रमशः उत्तर और दक्षिण चंद्र नोड्स होते हैं।

राहु का प्रभाव

राहु को छाया ग्रह माना जाता है और इसे अधर्म, धोखा, और अनैतिकता का प्रतीक माना जाता है। राहु का प्रभाव व्यक्ति के जीवन में निम्नलिखित प्रभाव डाल सकता है:

  • मानसिक तनाव: राहु के प्रभाव से व्यक्ति में मानसिक तनाव और चिंता बढ़ सकती है।
  • धोखा और छल: राहु के प्रभाव के कारण व्यक्ति धोखा दे सकता है या धोखा खा सकता है।
  • भ्रम और असमंजस: राहु के कारण व्यक्ति में भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
  • अत्यधिक भोग विलास: राहु व्यक्ति को अत्यधिक भोग-विलास की ओर आकर्षित कर सकता है।
  • अचानक घटनाएं: राहु के प्रभाव से अचानक घटनाएं हो सकती हैं, जैसे दुर्घटनाएं या आपदाएं।
  • अवैध कार्य: राहु के प्रभाव से व्यक्ति अवैध कार्यों में संलिप्त हो सकता है।

केतु का प्रभाव

केतु को मोक्ष, आध्यात्मिकता, और संतोष का प्रतीक माना जाता है। केतु का प्रभाव व्यक्ति के जीवन में निम्नलिखित प्रभाव डाल सकता है:

आध्यात्मिक उन्नति: केतु व्यक्ति को आध्यात्मिक उन्नति की ओर प्रेरित करता है।
  • निर्लिप्तता: केतु के प्रभाव से व्यक्ति में सांसारिक चीजों के प्रति निर्लिप्तता आ सकती है।
  • स्वास्थ्य समस्याएं: केतु के कारण व्यक्ति को अज्ञात स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं।
  • आध्यात्मिक अनुभव: केतु व्यक्ति को गहरे आध्यात्मिक अनुभव प्रदान कर सकता है।
  • विरक्ति: केतु के प्रभाव से व्यक्ति को समाज और परिवार से विरक्ति हो सकती है।
  • अज्ञात भय: केतु के कारण व्यक्ति को अज्ञात भय और चिंता हो सकती है।

राहु और केतु के प्रभावों से बचने के उपाय

राहु और केतु के प्रतिकूल प्रभावों से बचने के लिए कुछ उपाय किए जा सकते हैं। ये उपाय धार्मिक, ज्योतिषीय और व्यक्तिगत जीवन शैली से संबंधित हो सकते हैं।

राहु के उपाय

  • राहु मंत्र का जाप:
“ॐ रां राहवे नमः” मंत्र का जाप करें।
  • हनुमान जी की पूजा:
हनुमान जी की पूजा करें और हनुमान चालीसा का पाठ करें।
  • सरसों के तेल का दान:
शनिवार के दिन सरसों के तेल का दान करें।
  • नीला वस्त्र धारण:
नीले रंग का वस्त्र धारण करें।
  • राहु कवच धारण:
राहु कवच धारण करें, यह किसी योग्य ज्योतिषी से परामर्श के बाद ही करें।
  • नीला रत्न:
योग्य ज्योतिषी की सलाह पर नीला रत्न धारण करें।

केतु के उपाय

  • केतु मंत्र का जाप:
“ॐ कें केतवे नमः” मंत्र का जाप करें।
  • गणेश जी की पूजा:
गणेश जी की पूजा करें और गणेश मंत्रों का जाप करें।
  • ध्यान और योग:
नियमित ध्यान और योग का अभ्यास करें।
  • तिल का दान:
शनिवार के दिन तिल का दान करें।
  • केतु कवच धारण:
केतु कवच धारण करें, इसे भी किसी योग्य ज्योतिषी की सलाह पर ही धारण करें।
  • लहसुनिया रत्न:
योग्य ज्योतिषी की सलाह पर लहसुनिया रत्न धारण करें।

जीवनशैली में परिवर्तन

राहु और केतु के प्रभाव को कम करने के लिए अपनी जीवनशैली में कुछ सकारात्मक परिवर्तन लाना भी लाभदायक होता है:

  • सादा और अनुशासित जीवन:
सादा और अनुशासित जीवन जीने का प्रयास करें।
  • सकारात्मक सोच:
नकारात्मक विचारों से दूर रहें और सकारात्मक सोच बनाए रखें।
  • ध्यान और प्रार्थना:
नियमित ध्यान और प्रार्थना करें, इससे मन शांत रहता है और मानसिक तनाव कम होता है।
  • सेवा और परोपकार:
दूसरों की मदद करें और परोपकार के कार्यों में संलिप्त रहें।
  • आध्यात्मिक गतिविधियां:
आध्यात्मिक गतिविधियों में भाग लें और धार्मिक स्थलों का दौरा करें।

निष्कर्ष

राहु और केतु का प्रभाव व्यक्ति के जीवन के विभिन्न पहलुओं पर पड़ सकता है। हालांकि, ज्योतिषीय उपाय, धार्मिक कार्य और सकारात्मक जीवनशैली अपनाकर इन प्रभावों को कम किया जा सकता है। राहु और केतु के प्रभाव से बचने के लिए धैर्य और सकारात्मकता बनाए रखना महत्वपूर्ण है। इंदौर के प्रसिद्ध ज्योतिषी मनोज साहू जी के अनुसार नियमित रूप से मंत्र जाप, पूजा, और दान करने से इन ग्रहों की प्रतिकूलता को कम किया जा सकता है और जीवन में सुख, शांति और समृद्धि लाई जा सकती है।

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