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व्रत शुरू  करने से पहले व्रत रखने वाले को  उसके प्रारम्भ मास, पक्ष, तिथि तथा विधि का ज्ञान होना बहुत जरुरी होता है । श्रावण महीने में देवो के देव महादेव शंकर की पूजा-अर्चना की जाती  है क्योकि व्रत श्रावण के प्रथम सोमवार से शुरू हो जाते  है और भगवान शंकर के साधक को इसका विशेष फल प्राप्त होता है।

Somvar Vrat Kab Se Shuru Karna Chahiye

प्राचीन काल से ही इस दिन का विशेष  महत्व रहा है। सोमवारी व्रत की शुरुआत श्रावण, चैत्र, वैशाख, कार्तिक या मार्गशीर्ष के महीनो के शुक्ल पक्ष के प्रथम सोमवार से ही करना चाहिए।

Somvar Vrat Kab Tak Karna Chahiye

इस व्रत को 5 वर्ष या  16 सोमवार सच्चे भाव और पूरी निष्ठा के साथ करना चाहिए। चंद्र भगवान महादेव  के नेत्र हैं और उनका दूसरा नाम सोम है। सोम ब्राह्मणों के राजा और औषधियों के कहे गये है । अतः सोमवार का व्रत करने से समस्त शारीरिक, मानसिक और आर्थिक कष्ट दूर होते हैं और जीवन सुखमय हो जाता है। शास्त्रों में कहा गया है कि श्रावण महीने के  सोमवार व्रतों का पालन करने से 12  महीनों के सभी सोमवार व्रतों का फल प्राप्त हो जाता  है।

Somvar Ka Vrat Kaise Karna Chahiye

जानिए सोमवारी व्रत की विधि ..

व्रत रखने वाले साधक को प्रातःकाल उठ कर नहाने वाले पानी में थोड़े से काले तिल डालकर नहाना चाहिए , इसके बाद मंदिर में भगवन महादेव की पूरी विधि के साथ पूजा अर्चना करें । पूजा में श्वेत फूल ,सफेद चन्दन, चावल, पंचामृत अक्षत, पान ,सुपारी, फल ,गंगा जल, बेलपत्र, धतूराफल तथा धतूराफूल का उपयोग करे

Somvar Ke Vrat Ka Udyapan Kaise Karna Chahiye

सोमवारी व्रत का उद्यापन करना भी आवश्यक होता हैजानिए क्या है इसकी विधि

सोमवारी व्रत की शुरुआत जिस महीने में करते है ,उसी महीने में इस व्रत का उद्यापन करना उचित माना जाता है । सोमवारी व्रत के उद्यापन में दशमांश जप का हवन करे एवं सफेद वस्तुओं जैसे चावल, सफेद वस्त्र, दूध-दही, बर्फी , चांदी तथा फलों का दान करना चाहिए। साधक की मनोकामना अवश्य ही पूरी होती है।

Somvar Ka Vrat Karne Se Kya Labh Milta Hai

सोमवारी व्रत करने से साधक की किन किन परेशानिया से मुक्ति मिलती है …

  • माना जाता है कि सोमवारी व्रत करने से इच्छा के अनुसार जीवनसाथी मिलता है।
  • सोमवारी व्रत करने से संतान को प्रतियोगिता में सफलता मिलती है।
  • अगर  पति और पत्नी के बीच क्लेश हो रहा है तो सोमवारी व्रत को करने से आपसी क्लेश दूर हो जाता है।
  • सोमवारी व्रत को करने से पारिवारिक तथा मानसिक शांति तो मिलती ही है साथ ही साथ सभी प्रकार के मनोकामनाएं पूरी होती है।
  • सोमवारी व्रत को करने से मनुष्य के अंदर रहने वाले अहंकार रुपी पाप शीघ्र ही नष्ट हो जाते है तथा उसका मन सात्विक कार्यों में लगने लगता है।
  • सोमवार का व्रत तथा शिवलिंग को विधि पूर्वक स्नान कराकर उस स्थान से जल का तीन बार आचमन करने से शारीरिक, वाचिक तथा मानसकि तीनों प्रकार के पाप नष्ट हो जाते हैं।
  • सोमवारी व्रत से जातक को  आर्थिक लाभ, सामाजिक प्रतिष्ठा, पारिवारिक शांति, वैवाहिक सुख, संतान लाभ, स्वास्थ लाभ तथा उन्नति की प्राप्ति होती है।
  • सोमवारी व्रत जातक के मानसिक एकाग्रता बढ़ाने में सहायक होता है तथा इस मानसिक एकाग्रता से जप और ध्यान में मन लगने लगता है ।
  • अगर बार बार प्रयास के बावजूद कार्यो में व्यवधान उत्पन्न हो रहा है तो सोमवार का व्रत तथा पारद शिवलिंग पर जल अर्पण करने से शीघ्र ही कार्य सम्पन्न हो जाता है।
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